क्रिसमस डे दृष्टिबाधित बच्चों के नाम


 आगरा। दुनियाभर के लोगो के साथ साथ  आगरा के समाजसेवियों ने राघास्वामी दृष्टिबाधितार्थ संस्थान द्वारा संचालित आगरा आवासीय दृष्टिबाधित विद्यालय कालिंदी विहार मे 25 दिसंबर को क्रिसमस डे अलग ढंग से मनाया हेमा शाक्या जी ने बताया कि ये ईसाइयों का सबसे बड़ा त्योहार है। इसी दिन ईसा मसीह (जीसस क्राइस्ट) का जन्म हुआ था, इसलिए इसे बड़ा दिन भी कहते हैं। इस दिन के लिए चर्च को खासतौर से सजाया जाता है। क्रिसमस के पहले वाली रात में गिरजाघरों में प्रार्थना सभा की जाती है,  शांति बिना अस्तित्व नहीं क्रिसमस शांति का संदेश लाता है। पवित्र शास्त्र में ईसा को शांति का राजकुमार कहा गया है। ईसा हमेशा अभिवादन के रूप में कहते थे कि शांति तुम्हारे साथ हो, शांति के बिना किसी का अस्तित्व संभव नहीं है। घृणा, संघर्ष, हिंसा और युद्ध का धर्म को इस धर्म में कोई जगह नहीं दी गई है। शायद यही वजह है कि क्रिसमस किसी एक देश या राष्ट्र में नहीं, बल्कि दुनियाभर में धूमधाम से मनाया जाता है। इस अवसर पर समाजसेवी रेनू अग्रवाल जी, हिमांशू सुगंधी कन्हैया गुप्ता जी, विशाल मित्तल जी, वंदना मित्तल जी, सचिन उपाध्याय जी, श्यामवीर सिंह जी, अर्पित गोयल जी, सौरभ अग्रवाल जी, नवनीत मित्तल जी, शैलेन्द्र गुप्ता जी आदि समाजसेवियों ने बच्चों को सर्दियों के वस्त्र, कम्बल, जूते, एवं फल, चॉकलेट, मिठाई, बिस्किट, मूंगफली, गजक आदि वितरण किए ।विद्यालय परिवार उनका तहे दिल से आभार व्यक्त करता है।

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