गुरु गोविंद सिंह साहिब के प्रकाश पर्व को समर्पित अमृतमई कीर्तन दरबार का आयोजन
आगरा। गुरु गोविंद सिंह साहिब के प्रकाश पर्व को समर्पित अमृतमई कीर्तन दरबार का आयोजन गुरुद्वारा संत बाबा केहर सिंह बालूगंज पर बहुत ही श्रद्धा भाव से किया गया रेहरास साहिब के पाठ के उपरांत भाई सुरजीत सिंह ने शबद कीर्तन की हाजिरी भरी तत्पश्चात प्यारे वीर महेंद्र पाल सिंह ने अपनी मधुर रसना द्वारा एक के बाद एक कई शब्दों का गायन किया उन्होंने सर्वप्रथम अरदास रूप में "प्रभ पास जन की अरदास"शब्द का गायन किया उसके बाद ,एक पिता एक्स के हम बारग तू मेरा गुरुहाई सुन मीता जीओ हमारा बल बल जैसी,,"जाग रे मन जागन हारे" का गायन करके उन्होंने बताया की मन भी सो सकता है अगर मन विकारों में पड़ा है बुरे ख्यालों में फंसा है अगर इसे सत्संग अच्छा नहीं लगता बाणी सुनना अच्छा नहीं लगता अमृतवेले उठना अच्छा नहीं लगता तो समझिए मन सोया है। और यह सोया मां गुरु के संगत में आकर जब शब्द की चोट पड़ती है तब यह मां जग जाता है इसलिए कलयुग में संगत का विशेष महत्व है उसके बाद उन्होंने "जिन प्रेम कीयो तिन ही प्रभ पायो"का गायंकर गुरु गोविंद सिंह जी का पावन उपदेश संगत को दिया कार्यक्रम की समाप्ति पर समूह गुरुद्वारा कमेटी प्रधान इंद्रजीत सिंह गुजराल द्वारा संगत को धन्यवाद दिया प्रबंधक कमेटी द्वारा संगतो का गुरु की माला शॉल पहनाकर स्वागत किया गया समाप्ति पर गुरु महाराज के अटूट लंगर का वितरण हुआ इस कार्यक्रम में मिट्ठू वीर,मनमोहन सिंह गुरु सेवक श्याम भोजवानी,परमजीत सिंह मक्कर,बरकत सिंह, सुरेंद्र सिंह लाडी, अजीत सिंह ,बंटी चावला,गगन लूथरा,राजू छतवाल,अमरजीत सिंह सेठी,संजय सेठ, मनप्रीत सिंह,हरपाल सिंह, इंदरजीत सिंह वाधवा,त्रिलोचन सिंह संतोष सिंह निजर,अरविंद सिंह पप्पी,जस,आदि गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थित रही।
Jarnalist, Satish Mishra, Agra

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