सुखमनी सुख अमृत प्रभ नाम भगत जना के मन बिसराम
आगरा स्त्री सत्संग महर्षि पुरम बीबीयो ने महर्षि पुरम सत्संग दरबार में गुरु की हजूरी में अमृतवेले बीबी हरविंदर कौर बीबी मीनाक्षी कौर द्वारा अमृतमई शब्द गुरबाणी कीर्तन की अमृत वर्षा हुई कीर्तन सत्संग सुन संगत हुई द्वारा निहाल शब्द: बबीहा अमृतवेले बोलिहा तादर सुणी पुकार मेघे नू फ़ुरवान हुआ बरसो कृपा धार,,, पुता माता की आसीस पुता माता की आसीस ,,,, अमृतवेला सच नाव विचार,,,, अनंद साहिब जी की पाठ के साथ गुरु महाराज जी की आगे हरविंदर कौर द्वारा सरबत के भले की अरदास हुकुमनामा के अपराध गुरु का अटूट लंगर सभी संगत ने पाया मुख्य रूप से जसबीर कौर, देविद्र कौर, चांदनी भोजवानी, अमनप्रीत कौर, अलका आडवानी,गुरमीत कौर पूजा पंजवानी,बलजीत कौर, कमलजीत कौर रविंदर कौर प्रितपाल कौर,राधा वाधवानी, रेखा अरोड़ा, पूनम तलवानी, परमजीत कौर, हरविंदर कौर,रजेंद्र कौर,अमित भाटिया,विजय पंजवानी,प्रथम सिंह आदि।
Jarnalist, satish Mishra, Agra

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