खालसा सृजना दिवस देर रात तक अमृतमय भव्य कीर्तन दरबार मैं गुरु रूप संगत में धन-धन श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की गोद में बैठकर कीर्तन का लाहा लिया
" खालसा मेरो रूप है खास खालसे में हूं करूं निवास.
गुरुद्वारा नॉर्थ ईदगाह में आयोजित किए गए जिसमें गुरुद्वारे के रागी हरजीत सिंह व दरबार साहब अमृतसर के हजूरी रागी भाई वरिंदर सिंह ने अपनी मधुर रसना से संगत को शब्द गुरबाणी कीर्तन की अमृत रसना का अमृत संचार गुरु घर से जोड़ा बोले सो निहाल सत श्रीअकाल की जयकारों की अमृत वर्षा धरती पर स्वर्ग ज्ञानी जी द्वारा अरदास हुकुमनामा गुरु महाराज जी को अपने निज स्थान सचखंड पहुंचा उपरांत गुरु महाराज के अटूट लंगर का वितरण हुआ जिसे सभी धर्म प्रेमियों ने एक साथ बैठकर ग्रहण किया प्रबंधक कमेटी द्वारा सभी गुरु रूप संगतो का जि Aaya Nu लख बधाइयां स्वागत सत्कार किया मुख्य गुरु सेवक श्याम भोजवानी संजय सेठ कवलजीत सिंह पुरी त्रिलोक सिंह जसविंदर सिंह जस्सी कुलविंदर सिंह बाबा परमजीत सिंह सरना सुंदर सिंह संचालन सरदार गुरमीत सिंह सेठी द्वारा किया गया

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