आगरा वनस्थली विद्यालय, आगरा में मनाया गया पृथ्वी दिवस – मॉडल और नाटक के माध्यम से बच्चों ने दिया संदेश
आगरा* : आज आगरा के प्रतिष्ठित आगरा वनस्थली विद्यालय में पृथ्वी दिवस (Earth Day) बड़े उत्साह और पर्यावरणीय जागरूकता के साथ मनाया गया। इस अवसर पर छात्रों ने रंगारंग प्रस्तुतियाँ, मॉडल और नाटक के माध्यम से पृथ्वी को बचाने का प्रेरणादायक संदेश दिया।कार्यक्रम में कक्षा 10 के छात्रों द्वारा बनाए गए प्रमुख रचनात्मक मॉडल इस प्रकार रहे:
कंचन – फोटोसिंथेसिस मॉडल, जिसमें पौधों की प्रकाश संश्लेषण प्रक्रिया और पर्यावरण में उनके योगदान को दर्शाया गया।
रागेश – फोटो फ्रेम मॉडल, जिसमें पृथ्वी और जीवन की सुंदरता को सहेजने का संदेश दिया गया।
रिमझिम – ग्लोब मॉडल, जो पृथ्वी की संरचना और उसके संरक्षण की आवश्यकता को उजागर करता है।
निकेता – वाटर साइकिल मॉडल, जिसमें जल चक्र की प्रक्रिया और जल संरक्षण का महत्व दर्शाया गया।
हुसैन – मून मॉडल, जिसमें चंद्रमा की सतह और उससे जुड़ी जानकारी को रचनात्मक रूप से प्रस्तुत किया गया।
कक्षा 5 के छात्रों ने भी ‘जल संरक्षण’, ‘वृक्षारोपण’ और ‘पृथ्वी बचाओ’ जैसे विषयों पर प्रभावशाली प्रस्तुतियाँ दीं। बच्चों ने "Save Earth, Save Life" का नारा देते हुए पर्यावरण की रक्षा के लिए सजगता दिखाई।*चेयरमैन श्री वी.के. मित्तल का संदेश:* "पृथ्वी हमारी धरोहर है। यदि हम अभी भी नहीं जागे, तो भविष्य की पीढ़ियों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा। बच्चों ने जो रचनात्मकता और जिम्मेदारी दिखाई है, वह अत्यंत प्रशंसनीय है और हम सभी को प्रेरणा देती है।"डायरेक्टर श्री मनीष मित्तल का संदेश:* "पृथ्वी दिवस हमें याद दिलाता है कि यह ग्रह हमारी जिम्मेदारी है। छोटे-छोटे प्रयास जैसे – जल बचाना, पेड़ लगाना और कचरे का सही प्रबंधन – एक बड़ा बदलाव ला सकते हैं। बच्चों ने आज जो योगदान दिया है वह अत्यंत सराहनीय है।"साथ ही उन्होंने 'वाटर हार्वेस्टिंग' पर विशेष जोर देते हुए कहा कि वर्षा के जल को एकत्र कर धरती के अंदर पहुंचाना चाहिए ताकि हम अपने बच्चों के भविष्य को सुरक्षित और समृद्ध बना सकें।कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति सजगता और जागरूकता उत्पन्न करना था, जिसमें विद्यालय पूर्ण रूप से सफल रहा।इस आयोजन के सफल संचालन में जिन शिक्षकों का विशेष योगदान रहा वे हैं:दिनेेश सर, आकाश शर्मा, सुनील वघेल, हर्षिता , सनील निषाद, लक्ष्मी वघेल, मोहिनी परमार, वेदी पाल, मुकेश सर, डी.के. सर, गुंजन मैम, मीना यादव, रश्मि शर्मा, सुरेश वर्मा, डिंपल मैम, आदि सभी का विशेष योगदान रहा।
Jarnalist, Satish Mishra, Agra

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