गुरु हरि कृषण साहिब जी का प्रकाश पुरब श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया
आगरा, गुरुद्वारा दशमेश दरबार, शहीद नगर, विभव नगर, आगरा में सिख धर्म के आठवें गुरु बाला प्रीतम श्री गुरु हरि कृषण साहिब जी का प्रकाश पर्व बड़े ही श्रद्धा, उत्साह और गुरमत वातावरण के साथ मनाया गया। सुबह अमृत वेले से ही पाठ श्री सुखमनी साहिब जी के साथ कीर्तन दरबार शुरुआत पंथ के रागीजनों भाई हरजिंदर सिंह भाई जसपाल सिंह दिल्ली वालो द्वारा आलौकिक शब्द गुरबाणी कीर्तन1,मित्तर घनेर में कर न सकी मेरा दुख काटे सोइ धन गुरु हरि कर्षण साहिब जी,,, मेरे प्रीतमा हो जीवा नाम ध्याए,,, सच मिल सेवा विच रहे नानक गुरमुख होवें,,, दुख भंजन तेरा नाम दुख भंजन तेरा नाम जी,,,जो मांगें ठाकुर अपने तै सोई सोई देवे, लख खुशिया पातशाहियां जे सतगुर नदर करे,,, सावन आया रे सखी,,,शब्द सुनकर कीर्तन की अमृतवर्षा में संगतों ने श्रद्धापूर्वक हाज़िरी दी।संगतों ने गुरु साहिब के पावन चरणों में नतमस्तक होकर आत्मिक आनंद और गुरु की कृपा प्राप्त की ज्ञानी मंशा सिंह ने सरबत के भले की अरदास की गुरमुख संगतो ने गुरु का अटूट लंगर पाकर गुरु का शुक्राना किया। सेवा में मौजूद रहे प्रधान हरपाल सिंह, बॉबी आनंद,राजू सलूजा, श्याम भोजवानी, अमनप्रीत सिंह, मलकीत सिंह, सुरेंद्र सिंह लवली, गुरिंदर सिंह ओबेरॉय, इंदरजीत सिंह,सुरेंद्र सिंह लाडी, देवेंद्र सिंह जुल्का, हरजिंदर सिंह,हरजीत सिंह,संजय सेठ,आज्ञा सिंह,आदि।
Jarnalist, Satish Mishra, Agra

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