श्रीमद् रामकथा में चौथे दिन कथा वाचक पं. गरिमा किशोरी जी ने मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम जन्म प्रसंग का रसपूर्ण वर्णन किया



 आगरा।प्राचीन खेमेश्वर नाथ महादेव मंदिर, तोता का ताल पर चल रही श्रीमद् रामकथा में चौथे दिन कथा वाचक पं. गरिमा किशोरी जी ने मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम जन्म प्रसंग का रसपूर्ण वर्णन किया।उन्होंने कहा कि जब भी पृथ्वी पर अधर्म और असुरों का अत्याचार बढ़ा है, तब-तब भगवान ने अवतार लेकर धर्म की स्थापना की है। भगवान श्रीराम का जन्म केवल अयोध्या ही नहीं, सम्पूर्ण मानवता के कल्याण के लिए हुआ था। श्रीराम जन्म की कथा सुनकर श्रद्धालु भक्ति और आनंद से अभिभूत हो उठे।कथा व्यास जी ने प्रवचन में कहा कि मनुष्य को तीन वस्तुओं—वाणी, पानी और कर्म (आय)—को कभी भी अपवित्र नहीं करना चाहिए। यदि हम अपनी आय का दशांश दान करें तो वह शुद्ध और पुण्यदायी बन जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यासपीठ का उद्देश्य किसी को बदलना नहीं, बल्कि प्रत्येक भक्त को जैसे हैं वैसे ही स्वीकार करना है।किशोरी जी ने जीवन दर्शन को सरल उदाहरण से समझाते हुए कहा—जैसे एक जल से भरे घड़े में यदि धीरे-धीरे कंकड़ डाले जाएँ तो वह रिक्त हो जाता है, वैसे ही यदि हम अपने जीवन रूपी घड़े में अंधकार रूपी दोष भरेंगे तो शील-गुण और सदाचार समाप्त हो जाएंगे। अतः जीवन में अहंकार का त्याग कर विनम्रता अपनानी चाहिए।उन्होंने यह भी कहा कि मानस की केवल एक चौपाई भी टूटे हुए और निराश मनुष्य को पुनः संजीवनी देकर उसके जीवन को पवित्र बना देती है।कार्यक्रम में संगीत मय भजन-कीर्तन पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठे और सामूहिक आरती में सभी ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।कथा में बड़ी संख्या में पं विद्यासागर तिवारी, श्याम चांदनी भोजवानी, नन्दलाल छत्तानी, शरद चौहान, विक्रांत कुशवाहा,सोनू माहौर, मीनू सेन, वीरू, देवेंद्र, किशोर सैनी, लालू भाई, भूप सिंह, नितिन सैनी, नवल पंडित, मुकेश यादव, सचिन यादव, बंसी लालवानी, रवि, कमल लालवानी, गोपी भाई आदि भक्तगण उपस्थित रहे और दिव्य रस का आनंद लिया।

Comments

Popular posts from this blog

गुरुद्वारा विजय नगर कॉलोनी आगरा पर अमृतवेला परिवार द्वारा विशाल कीर्तन दरबार का पोस्टर विमोचन

सिंधी सेंट्रल पंचायत आगरा द्वारा महामहिम राज्यपाल छत्तीसगढ़ के नाम जिलाधिकारी आगरा के माध्यम से एक ज्ञापन प्रेषित किया

कृष्ण गौशाला (पंजी)न्यू शाहगंज आगरा की कमेटी के चुनाव हुए संपन्न,श्री गिरधारी लाल भगत्यानी पाँचवी बार निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए।