गुरु जैसा नाही को देव जिस मस्तक भाग सो लागा सेव,
आगरा, सिख धर्म के दूसरे गुरु श्री गुरु अंगद देव महाराज जी के पावन प्रकाश उत्सव पर सुखमनी सेवा सभा के साप्ताहिक भव्य दीवानों की लड़ी में गुरुद्वारा दशमेश दरबार, शहीद नगर विभव नगर में भक्ति भाव से ओतप्रोत कीर्तन समागम का भव्य आयोजन हुआ, धन धन श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की छत्रछाया में गुरु रूप संगत ने एकाग्रचित्त होकर श्री जपजी साहिब एवं सुखमनी साहिब ज़ी के पाठ कर आत्मिक शांति का अनुभव किया और गुरु भक्ति में लीन होकर समागम को सफल बनाया,समागम के दौरान ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो धरती पर स्वर्ग उतर आया हो, गुरबाणी की मधुर स्वर लहरियों के बीच संगत पूरी तरह प्रभु नाम में रंगी नजर आई, अंतर्राष्ट्रीय कीर्तनकार वीर महेंद्र पाल सिंह जी ने अपने साथियों सहित आलौकिक गुरबाणी कीर्तन प्रस्तुत कर संगत को भाव-विभोर कर दिया, उनकी मधुर वाणी से निकली गुरबाणी की रसधारा ने उपस्थित श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक आनंद से सराबोर कर दिया,इस अवसर पर वीर महेंद्र पाल सिंह जी ने गुरु अंगद देव महाराज जी की महान जीवन यात्रा एवं उनके उपदेशों पर प्रकाश डालते हुए कथा के माध्यम से संगत को प्रेरित किया, उनकी वाणी में छिपे आध्यात्मिक संदेशों ने सभी के हृदय को छू लिया और गुरु के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी,समागम के अंत में प्रधान सरदार हरपाल सिंह जी ने सभी साध संगत का आभार व्यक्त करते हुए उनके सहयोग और सहभागिता के लिए धन्यवाद दिया,उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में आध्यात्मिक चेतना और आपसी प्रेम का विस्तार होता है, ज्ञानी ज़ी द्वारा सहज पाठ साहिब जी के भोग के साथ गुरु की अरदास हुकुमनामा अपरान्त सभी धर्म प्रेमियों ने गुरु का अटूट लंगर पाकर गुरु नानक देव महाराज ज़ी का शुकराना अदा किया मुख्य रूप से प्रधान हरपाल सिंह, राजू सलूजा,मलकीत सिंह,गुरु सेवक श्याम भोजवानी, गुरिंदर सिंह, इंद्रजीत सिंह, सुरेंद्र सिंह लवली,गुरमीत सिंह सेठी,सुरेंद्र सिंह लाडी देवेंद्र सिंह जुल्का,हरजिंदर सिंह,जप सिंह,गुरदीप लूथरा,दलजीत सिंह दुग्गल,मुखी भाई,अशोक झबल, मनप्रीत सिंह , योगेश छठवानी, सतीश सिंह,
Jarnalist Satish Mishra Agra




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