देवा पाहन तारीअले,राम कहत जन कस ना तरे"*(निर्भय नगर में कीर्तन की अमृत फुहार में संगत हुई सरोबार)


  *देवा पाहन तारीअले,राम कहत जन कस ना तरे"*(निर्भय नगर में कीर्तन की अमृत फुहार में संगत हुई सरोबार)

भोर का अमृत समय, भीनी भीनी प्रकृति की महक, संगत की श्रद्धा व प्यार के बीच गूंजती अमृतमई कीर्तन की पवित्र स्वर लहरियां जिससे मानो सारा माहौल अमृतमय बन गया हो। यह नजारा था "सुखमनी सेवा सभा" द्वारा हर सप्ताह होने वाले अमृतमई कीर्तन समागम की लड़ी में स्थानीय निर्भय नगर पार्क में आयोजित अमृतमई कीर्तन दरबार का। पावन गुरु ग्रंथ साहिब जी की उपस्थिति में अपार जन समूह के बीच सर्वप्रथम सुखमनी साहिब का पाठ समूह सभा के प्यारे वीरों बीवियों द्वारा किया गया। उपरांत भाई हरजिंदर सिंह ने मधुर रसना द्वारा सिमरन किया तत्पश्चात प्यारी बच्ची हरलीन आहूजा ने मधुर वाणी द्वारा शब्द का गायन किया व साथ ही रीवा निवासी गुरप्रीत कौर जी ने अमृतमई वाणी का उच्चारण किया उसके बाद सभा के प्यारे वीर महेंद्र पाल सिंह द्वारा अपनी मधुर वाणी द्वारा अमृतवाणी की वर्षा की गई उन्होंने धर्म को परिभाषित करते हुए दो बाणी की पंक्तियों का उल्लेख किया कि सच्चा धर्म और सच्चा धर्म को मानने वाला कौन है। "सरब धरम मह श्रेष्ठ धरम, हर को नाम जप निरमल करम"अर्थात मानुख देही में रहते हुए उस निरंकार से अपने आप को जोड़कर रखना व जीवन में शुभ करमो की पूंजी इकट्ठी करनी हर करम मैल रहित हो, जो नाम से जुड़ता है निर्मल करम करता है वह सच्चा धर्मी है और वही सच्चा धर्म भी है। उन्होंने कहा मनुष्य के अच्छे भाग होते हैं जब उसे गुरु की संगत मिलती है। उन्होंने कहा " **जिन्हें लोग चुनते हैं वह संसद में जाते हैं जिन्हें सतगुरु चुनते हैं वह संगत में आते हैं"** संगत की बेहद मांग कर उन्होंने "शुकराना शुकराना सतगुरु तेरा शुकराना" का गायन भी किया जिसे सुनकर संगत भाव विभोर हो गई कार्यक्रम में कीर्तन के उपरांत निर्भय नगर के प्रतिष्ठित निवासियों को सम्मानित किया गया जिसमें  राकेश जैन सी.ए , सुशील गुप्ता,  मुकेश एलावादी, पुंडीर साहब,दीपक कुंद्रा डॉ  पंकज महेंद्रू  डॉ रेनू महेंद्रू का सभा की तरफ से सम्मान दिया गया। इस कार्यक्रम में विशेष सरदार दलजीत सिंह सेतिया, पी.एस. ओबराय,हरमिंदर सिंह, तेजपाल सिंह,तेजेंद्र पाल सिंह, मिस्टर साधवानी, भूपेंद्र सिंह, ज्ञानी कुलविंदर सिंह अविनाश भोजवानी,संजय सेठ,सतपाल सिंह बत्रा,संजय जटाना,रिंकू गुलाटी,गुरमीत सिंह सेठी,रोहित कत्याल,मुखी भाई,मि लूथरा,सी ए आशीष,विक्की पूरी,राजू मक्कर,मि गर्ग, गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही कार्यक्रम के समापन पर गुरु महाराज के अटूट लंगर का वितरण हुआ जिसे समूह संगत ने बैठकर बहुत ही प्यार व श्रद्धा के साथ ग्रहण किया अंत में सरदार दलजीत सिंह सेतिया व  राकेश जैन ने समूह संगत का धन्यवाद किया।

Jarnalist, satish Mishra, Agra

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