थिंक गीता, लिव गीता' नामक निबंध लेखन प्रतियोगिता का पुरस्कार वितरण समारोह हुआ सफलतापूर्वक संपन्न


 अशोका आर. फाउंडेशन और श्री जगन्नाथ मंदिर के सौजन्य से "थिंक गीता, लिव गीता" नामक निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन आगरा के विद्यालयों में 17 से 20 जनवरी तक किया गया, जिसका पुरस्कार वितरण समारोह 26 जनवरी, 2026 को काॅसमाॅस माॅल,  संजय प्लेस में किया गया।इस प्रतियोगिता का उद्देश्य युवा मन को भगवद्गीता की शिक्षाओं से प्रेरित करना था, जिससे उनमें बचपन से ही विचारों में स्पष्टता, नैतिक शक्ति और सकारात्मक जीवन जीने की भावना विकसित हो।प्रतियोगिता चार श्रेणियों में आयोजित की गई, जिसमें समस्त बोर्ड (यूपी, आई.सी.एस.ई व सी.बी.एस.ई) के 30 विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।  प्रतियोगिता में प्रत्येक श्रेणी के अंतर्गत विजेताओं को प्रथम पुरस्कार ₹ 5100, द्वितीय पुरस्कार ₹ 3100, तृतीय पुरस्कार ₹ 2100 व ₹1100-1100 के दो सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए। 

*प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार रहे-*

 *प्रथम*

कुशल बंसल 

दक्ष अग्रवाल 

आदित्य प्रताप सिंह

दिव्यांश जैन 

भव्य कुकरेजा 

*द्वितीय*

दल्वित बंसल 

रुत्वी मंगल 

भविष्य लूथरा 

खुशी गोयल 

*तृतीय*

अयांश वर्मा

विधि शर्मा

छवि राजपूत 

निष्ठा वर्मा

भावना

*सांत्वना

आयुश 

आराध्या मुद्गल 

उमंग सत्संगी

राधिका

हिमांशी नारंग 

प्रनव 

दीपा कुमारी

काव्या गोयल 

सभी बच्चों को प्रतिभागिता प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए तथा विजयी बच्चों के निबंधों को एक पुस्तक में संकलित किया जाएगा। इसके साथ ही प्रतियोगिता स्थल पर भगवद्गीता पर आधारित भाषण प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें 60 बच्चों ने प्रतिभाग किया और उन सभी की प्रतिभा देखते हुए निर्णायक मंडल ने सभी को प्रथम पुरस्कार* से सम्मानित किया।इस अवसर पर अशोका आर. फाउंडेशन की अध्यक्षा डॉ. रंजना बंसल ने  सभी बच्चों की प्रशंसा करते हुए बताया कि हमारा उद्देश्य बच्चों को भगवद्गीता के शाश्वत मूल्यों से परिचित कराना है, जिससे वे अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकें। भगवद्गीता के माध्यम से, हम छात्रों को जीवन के सही मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करना चाहते हैं और उन्हें अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहते हैं।अप्साध्यक्ष डॉ. सुशील गुप्ता ने कहा कि भगवद्गीता की शिक्षाएँ छात्रों को जीवन के हर पहलू में सफलता प्राप्त करने में मदद करेंगी और उन्हें एक बेहतर मानव बनाने में सहायक होंगी। उन्होंने आगे कहा कि हम इस प्रतियोगिता के माध्यम से छात्रों को भगवद्गीता के प्रति जागरूक करने और उन्हें इसके महत्व को समझाने का प्रयास कर रहे हैं।इस्कॉन आगरा के अध्यक्ष श्री अरविंद स्वरूप दास जी ने विद्यार्थियों के लिए भगवद्गीता के विषय में कहा कि भगवद्गीता विद्यार्थियों के लिए जीवन जीने की सर्वोत्तम मार्गदर्शिका है। यह हमें सिखाती है कि कर्तव्य क्या है, सही निर्णय कैसे लें और कठिन परिस्थितियों में भी आत्मविश्वास व शांति कैसे बनाए रखें। गीता विद्यार्थियों में अनुशासन, एकाग्रता, नैतिक मूल्य और सकारात्मक सोच विकसित करती है। यदि छात्र अपने जीवन में गीता के उपदेशों को अपनाएँ, तो वे न केवल शैक्षणिक रूप से सफल होंगे, बल्कि एक श्रेष्ठ और जिम्मेदार नागरिक भी बनेंगे।इस अवसर पर पूरन डाबर, गिरधर शर्मा (निदेशक) - सेंट एंड्रयूज़ स्कूल, रेनू गोयल (निदेशिका) - सुमित राहुल स्कूल, रामानंद चौहान (प्रधानाचार्य) - सुमित राहुल स्कूल, लवली कथुरिया हाॅर्टिकल्चर क्लब, एच. जी. हरि विजय प्रभुजी (वृंदावन), एच. जी धीर दामोदर प्रभुजी (धौलपुर), एच. जी. वैकुंठ प्रभुजी आदि गणमान्य  व्यक्तित्व उपस्थित रहे।  कार्यक्रम के सफल संचालन में अदिति गौरांगी व संस्था के समस्त सदस्यों का अभूतपूर्व योगदान रहा।

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