प्रसिद्ध कथा व्यास पं. अमित नारायण द्विवेदी जी के द्वारा किया जा रहा श्री शिव महापुराण कथा का सुंदर वर्णन


 आगरा। खेरिया मोड़, पुलिस चौकी के पास श्री शिव महापुराण कथा का आयोजन प्रसिद्ध कथा वाचक पंडित अमित नारायण द्विवेदी जी के मुखारविंद से 20 फरवरी से 28 फरवरी किया जा रहा है।  जिसमें पूजा के लिए यजमान के रूप में मिथिलेश ताराचंद अग्रवाल रहे। मनोज नौतनानी ने बताया रविवार को प्रसिद्ध श्री शिव महापुराण कथा  प्रसंग शिवजी ज्योतिर्लिंग रूप में प्रकट हुए। दिनांक 23 फरवरी सोमवार कथा का चौथा दिन का प्रसंग दक्ष के यहां जन्म के समय मां जगदंबा ने कहा था कि मैं तुम्हारे यहां जन्म लूंगी परंतु यदि मेरा अपमान हुआ तो मैं तुम्हारे यहां ही अपने उस शरीर को त्याग दूंगी। माता सती का जन्म हुआ। फिर उसके बाद में उन्होंने हर महीने नंदा तिथि को व्रत रख करके शिव को प्राप्त किया। इसी बीच कथावाचक पंडित अमित नारायण द्विवेदी जी द्वारा बताया गया। मनचाहा वर पाने के लिए एक वर्ष का नियम धारण कर हर महीने की नंदा तिथि को शिव के लिए व्रत रहना चाहिए व्रत के नियम बताएं और उसके फलों का वर्णन किया जिस प्रकार माता सती ने शिव को प्राप्त किया। इस प्रकार यह उपाय बताए गए। फिर कथा में आगे शिव शक्ति प्रसंग का वर्णन हुआ। माता सती ने शिव की आज्ञा का उल्लंघन किया है। और पति की आज्ञा का उल्लंघन करने के कारण अपने पिता दक्ष के यहां पर अग्नि प्रचलित कर अपने शरीर को त्याग है।अद्भुत प्रसंग का वर्णन महाराज जी के मुख से वर्णन हुआ सभी श्रद्धालुओं में भक्तों ने शिव सती प्रसंग का आनंद प्राप्त किया। कथा में प्रमुख रूप से अजय नोतनानी,अनुज दुबे, मनोज नौतनानी, संजय नोतनानी,रंजन  दुबे,अजय शर्मा,दीपक कुशवाह,दिनेश अरोड़ा,धर्मेंद्र सुमित, ध्रुव सुमित शर्मा, मनीष खेत्रपाल, ललित, अनुराग शर्मा, आदित्य शर्मा, अखिल वर्मा, संजय जैन, सत्य प्रकाश, नीतू सोलंकी, विक्रांत चतुर्वेदी,अमन, तालिका सक्सेना,राजीव रजावत ,सुशीला त्यागी, आदि भक्तगण एवं सहयोगी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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