बत्तीसवें वार्षिक उत्सव का भव्य समापन,प्रभात फेरी से लेकर दिव्य सत्संग तक भक्तिरस में डूबा आगरा
स्वामी जी के सान्निध्य में अमृतवाणी, बाल-भजनों व ग्रंथ-पाठों से पाँच दिनों तक स्वर्ग सा वातावरण
आगरा। स्वामी टेऊराम आश्रम, केदार नगर, शाहगंज, आगरा में आयोजित बत्तीसवें वार्षिक उत्सव का समापन दिवस अत्यंत श्रद्धा, उल्लास एवं आध्यात्मिक आनंद के साथ संपन्न हुआ, समापन अवसर पर प्रातः अमृतवेले प्रभात फेरी का आयोजन किया गया। जिसमें श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से क्षेत्र में भ्रमण करते हुए संपूर्ण वातावरण को भक्तिमय बना दिया। प्रभात फेरी के उपरांत प्रेम प्रकाश ग्रंथ एवं श्रीमद्भागवत पाठ के विधिवत भोग अर्पित किए गए। इस अवसर पर बाल-भक्तों द्वारा प्रस्तुत भव्य भजनों ने सभी का मन मोह लिया और संगत भाव-विभोर हो उठी। बाल कलाकारों की भक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुतियों ने समापन दिवस को विशेष गरिमा प्रदान की, इसके पश्चात स्वामी भगत प्रकाश जी के पावन सान्निध्य में दिव्य एवं भव्य सत्संग का आयोजन किया गया, स्वामी जी की अमृतवाणी, भजन एवं कीर्तन से संगत निहाल हो उठी, उनके ओजस्वी एवं करुणामय वचनों ने श्रद्धालुओं के हृदय में आध्यात्मिक चेतना का संचार किया, आगरा की संगत ने स्वामी जी के आगमन को अपना सौभाग्य बताते हुए कहा कि इन पाँच दिनों में ऐसा प्रतीत हुआ मानो स्वर्ग स्वयं आगरा में उतर आया हो, समारोह के दौरान योगी जहाजनाथ जी द्वारा स्वामी जी का आत्मीय स्वागत किया गया। इस अवसर पर संत हरिओम लाल जी, संत ढालू राम जी, संत कमल जी, भगत हरिदास जी एवं दीपक केवलरामनी जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। जिनकी सहभागिता से कार्यक्रम की आध्यात्मिक शोभा और अधिक बढ़ गई। इस अवसर पर आश्रम की मुख्य सेविका दीदी भगवंती साजनानी ने भी सत्संग के माध्यम से सेवा, संस्कार एवं मानव कल्याण का संदेश दिया। उनके प्रेरणादायक विचारों, सेवाभाव एवं सरल व्यक्तित्व ने उपस्थित जनसमूह को गहराई से प्रभावित किया। समारोह में समाजसेवा की भावना को उजागर करते हुए समाजसेवी श्याम भोजवानी के योगदान का भी उल्लेख किया गया। वक्ताओं ने उनके सेवाकार्यों की सराहना करते हुए कहा कि सेवा ही सच्ची साधना है और उनके कार्य समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। समापन अवसर पर आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं, सहयोगकर्ताओं एवं सेवाभावी कार्यकर्ताओं का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आध्यात्मिक एवं संस्कारात्मक आयोजन समाज को सही दिशा प्रदान करते हैं और भविष्य में भी निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे। मुख्य रूप से उपस्थित रहे। निर्मला लालवानी, चांदनी भोजवानी, हेमंत भोजवानी, विनोद साजवानी, जगदीश मोहनानी,लालचंद मोटवानी, नरेश लखवानी, प्रतापराय, श्याम मोहनानी, होलाराम, अशोक,वाशु भाई, महेश, मनीष, नरेश एवं सोनू आदि।

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