67 वर्ष की आयु में भी अटूट आस्था: 42 वर्षों से भगवान झूलेलाल का स्वरूप बन रहे हरीशचंद्र मोटवानी
आगरा। इष्टदेव भगवान झूलेलाल के प्रति अटूट श्रद्धा और समर्पण का अद्भुत उदाहरण पेश करते हुए शहर के वरिष्ठ श्रद्धालु श्री हरीशचंद्र मोटवानी पिछले 42 वर्षों से लगातार भगवान झूलेलाल का स्वरूप धारण कर रहे हैं, 67 वर्ष की आयु में भी उनकी यह सेवा और भक्ति निरंतर जारी है, जो समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है। सिंधी सामाज के वरिष्ठ श्याम भोजवानी द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार,श्री मोटवानी बीते चार दशकों से अधिक समय से झूलेलाल जयंती के अवसर पर शोभायात्राओं और विभिन्न धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भगवान झूलेलाल का स्वरूप बनकर श्रद्धालुओं को भावविभोर करते आ रहे हैं। उनकी इस साधना के पीछे गहरी आस्था और भगवान झूलेलाल की विशेष कृपा मानी जाती है। उन्होंने न केवल झूलेलाल जयंती के भव्य आयोजनों में भाग लिया। बल्कि विभिन्न मंचीय कार्यक्रमों और सांस्कृतिक संध्याओं में भी भगवान झूलेलाल का स्वरूप धारण कर अपनी विशेष छाप छोड़ी है। वर्ष 2006 एवं 2010 में भी उन्होंने प्रमुख आयोजनों में मंच प्रस्तुति देकर दर्शकों का मन मोह लिया था। श्री मोटवानी का कहना है कि यह सब भगवान झूलेलाल की कृपा और आशीर्वाद से ही संभव हो पा रहा है। जिसके कारण वे निरंतर इस सेवा को निभा रहे हैं। उनकी यह अटूट भक्ति और समर्पण आने वाली पीढ़ी को भी धर्म और संस्कृति से जुड़ने की प्रेरणा दे रही है। झूलेलाल जयंती के अवसर पर भी श्रद्धालु एक बार फिर उनके इस दिव्य स्वरूप के दर्शन किये। जिससे पूरे वातावरण में भक्ति और उत्साह का संचार,सिंधी समाज उनके उत्साह और श्रद्धा की भुरी भुरी प्रशंसा करके अपने आप को गौरांवित मानता है।

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