सांस्कृतिक चेतना और वैभव का काल रीतिकाल


 "हिन्दुस्तानी एकेडेमी (उ०प्र०) प्रयागराज एवं श्रीमती बी०डी० जैन कन्या महाविद्यालय आगरा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित द्वि-दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में, "रीतिकालीन साहित्य के विविध आयाम" के विषय में ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से दिनांक 13 व 14 मार्च 2026 को किया जा रहा है। दिनांक 13 मार्च 2026 को संगोष्ठी के प्रथम दिवस में दो सत्र आयोजित किये गये जिसका शुभारम्भ मुख्य अतिथि प्रो० आशु रानी, कुलपति, डॉ० बी०आर० आम्बेडकर विश्वविद्यालय आगरा, अध्यक्षता / संरक्षिका प्रो० वन्दना अग्रवाल, प्राचार्या, श्रीमती बी०डी० जैन कन्या महाविद्यालय आगरा, प्रो० पूनम सिंह, प्राचार्या, बैन्कुठी देवी कन्या महाविद्यालय आगरा, बीज वक्तत्व, प्रो० विद्योत्तमा मिश्र, सेवानिवृत्त, वरिष्ठ आचार्य, बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी, विशिष्ट अतिथि, प्रो० उदय प्रताप सिंह, पूर्व अध्यक्ष, हिन्दुस्तानी एकेडेमी, उ०प्र०, प्रयागराज, प्रो० उमापति दीक्षित, विभागाध्यक्ष, केन्द्रीय हिन्दी संस्थान आगरा, डॉ० राजीव द्विवेदी, निदेशक, वृंदावन शोध संस्थान वृंदावन और प्रो० ज्योत्सना जी द्वारा माँ सरस्वती पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर, महाविद्यालय गीत गाया गया।
उद्घाटन सत्र के अंतर्गत कार्यक्रम का संचालन हिन्दी विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो० शिखा श्रीधर द्वारा किया गया । संगोष्ठी में सर्व प्रथम महाविद्यालय की प्राचार्या तथा कार्यक्रम की संरक्षिका प्रो० वंदना अग्रवाल जी ने सभागार में उपस्थित सभी विद्वानों का संगोष्ठी में स्वागत किया तथा रीतिकाल में विभिन्न कवियों के योगदान के बारे में बताया।
मुख्य अतिथि, कुलपति, प्रो० आशु रानी जी ने विगत 08.03.2026 को मनाये गये अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में सभागार में उपस्थित सभी महिलाओं को महिला दिवस की बधाई दी तथा छात्राओं को सशक्त बनने की प्रेरणा दी। उन्होंने छात्राओं के नियमित हैल्थ चेकअप की व्यवस्था तथा आरोग्य मेलों से अवगत कराया ताकि स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मस्तिष्क की अवधारणा साकार हो सके। साथ ही उन्हें ए०आई० को सभी विषयों से एकीकृत करने पर जोर दिया जिसके लिये विश्वविद्यालय द्वारा 'अर्टिफिशयल इंटेलिजेन्स फॉर ऑल' पाठ्यक्रम प्रारम्भ किया जा रहा है तथामहाविद्यालय में सेक्शन 8 कम्पनी की स्थापना कर छात्राओं के स्टार्टअप शुरू करने हेतु सहयोग प्रदान करने की शुरूआत करने के लिए प्रोत्साहित किया।

बीज वक्तव्य प्रो० विद्योत्तमा मिश्र जी ने प्रस्तुत किया। उन्होंने रीतिकाल के विविध आयामों पर प्रकाश डालते हुए भक्ति काल के बाद सभी कवियों के दरबार में जाने पर विचार करने की ओर संकेत किया एवं स्त्री और नायिकाओं की मुख्य भूमिका दर्शायी। 
प्रो० पूनम सिंह जी ने रीतिकालीन दरबारी कवि बिहारी जी के काव्यों से अवगत कराया। संगोष्ठी के विशिष्ट अतिथि डॉ० राजीव द्विवेदी जी ,प्रो० उदय प्रताप सिंह , प्रो० उमापति दीक्षित ने रीतिकाल को प्रेम के सौन्दर्य का काल कहा।
प्रो० उदय प्रताप सिंह, पूर्व अध्यक्ष हिन्दुस्तानी एकेडेमी, उ०प्र०, प्रयागराज, मुख्य वक्ता के रूप में डॉ० मुदिता तिवारी, ए०के०डी०सी०, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज, विशिष्ट वक्ता डा० कृपा किंजलकम, आई०एस०डी०सी०, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज तथा श्रीमान् हिमांश घर द्विवेदी, नेहरू विश्वविद्यालय, ललितपुर रहे। इस सत्र का संचालन प्रो० शिखा श्रीधर द्वारा किया गया।द्वितीय सत्र का विषय रीतिकालीन, सामाजिक संरचनाओं में स्त्री अस्मिता के विविध स्वर रहा। इस सत्र की अध्यक्षा प्रो० प्रदीप श्रीधर, निदेशक, के०एम०आई० आगरा ने की साथ ही मंच पर मुख्य वक्ता के रूप में प्रो० सुनीता रानी घोष, विभागाध्यक्ष, हिन्दी विभाग, आगरा कॉलेज, आगरा तथा विशिष्ट वक्ता के रूप में प्रो० गुंजन, बैकुन्ठी देवी कन्या महाविद्यालय, आगरा, डॉ० संध्या द्विवेदी, विभागाध्यक्ष, महात्मा गांधी बालिका महाविद्यालय, फिरोजाबाद, डॉ० राजकुमार उपाध्याय 'मणि' दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली उपस्थित रहे। इस सत्र का संचालन डॉ० नेहा विश्वकर्मा ने किया।
तत्पश्चात् सांस्कृतिक संध्या में काव्यगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें प्रो० ज्योत्सना जी, डॉ० इंद्र कुमार यादव जी, श्रीमती ममता जी, श्री संक्षेप बरनवाल जी, कवि मयंक शुक्ल जी द्वारा अपनी काव्य प्रस्तुति दी गयी।
कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में सेंट जॉन्स कॉलेज के प्राचार्या प्रो० एस०पी० सिंह, आर०बी०एस० के बी०एड० विभागाध्यक्ष प्रो० बसंत बहादुर सिंह तथा वैकुन्ठी देवी कन्या महाविद्यालय की बी०एड० विभागाध्यक्ष प्रो० सुनीता चौहान तथा डॉ० राजबाला की उपस्थिति रहीं।
कार्यक्रम को सफल बनाने में मीडिया प्रभारी प्रो० नीलम कान्त, प्रो० मीरा अग्रवाल, , प्रो० शुभलेश कुमार, प्रो० अनुराधा गुप्ता, समेत सभी प्रवक्ताओं तथा महाविद्यालय के समस्त कर्मचारियो का पूर्ण सहयोग रहा।

Jarnalist, Satish Mishra, Agra 

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