श्रीमद्भागवत सप्ताह का भावपूर्ण समापन, हवन-यज्ञ में आहुति देकर भक्तों ने कमाया पुण्य


 आगरा, पार्श्वनाथ पंचवटी में आयोजित श्रीमद्भागवत सप्ताह का समापन अत्यंत भावुक और भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ, समापन अवसर पर पंचवटी परिवार की आँखें नम हो गईं, वहीं श्रद्धालुओं ने भक्ति और श्रद्धा के साथ इस पावन आयोजन को विदाई दी,विश्राम दिवस के उपलक्ष्य में भव्य हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में उपस्थित भक्तों ने बारी-बारी से आहुति देकर धर्मलाभ अर्जित किया, पूरे वातावरण में वैदिक मंत्रोच्चार और भक्ति भाव की गूंज सुनाई दी, जिससे परिसर पूर्णत, आध्यात्मिक रंग में रंग गया,कथा के दौरान व्यासपीठ से श्रीमद्भागवत कथा का महत्व विस्तार से बताया गया, श्रद्धालुओं को जीवन में धर्म, भक्ति और सदाचार अपनाने का संदेश दिया गया, साथ ही हवन-यज्ञ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि इससे वातावरण शुद्ध होता है और मन को शांति प्राप्त होती है,सप्ताह भर चले इस आयोजन में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और कथा श्रवण कर अपने जीवन को धन्य बनाया, समापन अवसर पर सभी ने मिलकर भगवान से सुख-समृद्धि और विश्व कल्याण की कामना की,इस अवसर पर शास्त्री रविकांत जी ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला दिव्य मार्गदर्शन है, इस सप्ताह के माध्यम से जो आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त हुई है, वह हम सभी के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाएगी,डॉक्टर देवेंद्र सिंह तोमर एवं श्याम भोजवानी जी ने सभी श्रद्धालुओं एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “इस तरह के धार्मिक आयोजनों से समाज में एकता, संस्कार और सेवा की भावना मजबूत होती है, सभी के सहयोग से यह आयोजन सफल हुआ, इसके लिए पंचवटी परिवार हृदय से आभारी है,कार्यक्रम के अंत में पंचवटी परिवार द्वारा सभी श्रद्धालुओं का धन्यवाद ज्ञापित किया गया तथा भविष्य में भी ऐसे धार्मिक आयोजनों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया गया,

मुख्य रूप से उपस्थिति

Comments

Popular posts from this blog

सिंधी सेंट्रल पंचायत आगरा द्वारा महामहिम राज्यपाल छत्तीसगढ़ के नाम जिलाधिकारी आगरा के माध्यम से एक ज्ञापन प्रेषित किया

आगरा ताजनगरी में महिला मंडल माता की भक्ति में झूमी

धार्मिक यात्रा (कीर्तन यात्रा बोले सो निहाल सतश्री अकाल के जयकारों के साथ अरदास कर के गुरुद्वारा साहिब से जत्था रवाना हुआ