अमावस्या के पावन अवसर पर गुरुद्वारे में दिव्य कीर्तन-कथा,अमृतसर से पधारे कथावाचक ने संगत को किया निहाल



आगरा। अमावस्या के पावन दिवस पर गुरुद्वारा दशमेश दरबार शहीद नगर में अत्यंत भव्य एवं आध्यात्मिक वातावरण में धार्मिक समागम का आयोजन किया गया, इस पावन अवसर पर श्री दरबार साहिब अमृतसर से धर्म प्रचार कमेटी के भाई डिम्पल सिंह  कथावाचक ने गुरमत प्रचार-प्रसार के अपने देशव्यापी प्रवास के अंतर्गत संगत को गुरुबाणी का अमृतपान कराया,कथावाचक ने अपने भावपूर्ण प्रवचनों में मानव जीवन की सार्थकता, नाम सिमरन की महिमा तथा गुरु की शरण में रहने का महत्व अत्यंत सरल और हृदयस्पर्शी शब्दों में समझाया, उन्होंने कहा कि अमावस्या का दिन आत्मचिंतन, सेवा और प्रभु स्मरण के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। समागम में  कीर्तनकार भाई हरजिंदर सिंह जी ने गुरुबाणी की मधुर एवं भावपूर्ण प्रस्तुति देकर संगत को भक्ति रस में सराबोर कर दिया,बोले सो निहाल सत श्रीअकाल के जयघोष से पूरा परिसर गुंजायमान हो उठा और उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर होकर कीर्तन का आनंद लेते रहे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर गुरु चरणों में मत्था टेका ज्ञानी मंशा सिंह द्वारा सुख-समृद्धि और विश्व कल्याण की अरदास की, गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी ने बाहर से पधारे संत-महापुरुषों का सिरोपा भेंट कर सम्मान किया। कार्यक्रम के उपरांत गुरु का अटूट लंगर भी आयोजित किया गया, जिसमें सभी ने प्रेमपूर्वक प्रसाद ग्रहण किया, संपूर्ण वातावरण श्रद्धा, सेवा और भाईचारे की भावना से ओतप्रोत रहा। मुख्य रूप से प्रधान हरपाल सिंह, सचिव मलकीत सिंह, राजू सलुजा, श्याम भोजवानी, सुरेंद्र सिंह लवली, गुरिंदर सिंह ओबेरॉय, इन्द्रजीत सिंह वाधवा,सुरेंद्र सिंह लाडी, परमजीत सिंह, हरजिंदर सिंह, हरजीत सिंह भसीन, संजय सेठ उपस्थित रहे।

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