शिव महापुराण कथा के तृतीय दिवस पर शिव पूजन की महिमा एवं नारद मोह लीला का भावपूर्ण वर्णन


 आगरा। श्री पंचमुखी महादेव मंदिर, बैंक कॉलोनी राजपुर में आयोजित श्री शिव महापुराण एवं ज्ञान यज्ञ कथा के तृतीय दिवस पर कथावाचक पंडित संतोष शास्त्री जी महाराज ने भगवान शिव की पूजा-अर्चना की महिमा, पूजन विधि तथा नारद मोह लीला का अत्यंत भावपूर्ण एवं ज्ञानवर्धक वर्णन किया। कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो उठा।कथावाचक ने कहा कि भगवान शिव अत्यंत भोले एवं भक्तवत्सल हैं। सच्चे मन से की गई उनकी आराधना भक्तों के समस्त कष्टों का निवारण कर जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का संचार करती है। उन्होंने शिव पूजन की महिमा बताते हुए कहा कि शिवलिंग पर जल अर्पित करने से मन को शांति प्राप्त होती है। दूध चढ़ाने से आरोग्य एवं सौभाग्य की प्राप्ति होती है। दही से अभिषेक करने पर जीवन में स्थिरता आती है, घी अर्पित करने से तेज एवं बल की वृद्धि होती है तथा शहद चढ़ाने से वाणी में मधुरता का संचार होता है। वहीं बेलपत्र, धतूरा और गंगाजल भगवान शिव को अत्यंत प्रिय हैं, जिनके अर्पण से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। कथा के दौरान पंडित संतोष शास्त्री जी महाराज ने नारद मोह लीला का सुंदर एवं प्रेरणादायक वर्णन करते हुए बताया कि अहंकार मनुष्य के पतन का कारण बनता है। देवर्षि नारद जैसे महान तपस्वी भी जब अहंकार के प्रभाव में आए तो भगवान की माया ने उन्हें अपने प्रभाव में ले लिया। इस प्रसंग के माध्यम से उन्होंने श्रद्धालुओं को विनम्रता,भक्ति, सत्संग और प्रभु पर पूर्ण विश्वास रखने का संदेश दिया। कथा के दौरान श्रद्धालु भगवान शिव के भजनों एवं जयघोषों में भाव-विभोर होकर धर्म लाभ प्राप्त करते रहे। आयोजन में विपिन शर्मा, राजीव दीक्षित,श्याम भोजवानी,संतोष शर्मा, पवन शर्मा, श्याम सुंदर गुप्ता, विजय प्रकाश गुप्ता,राम प्रकाश गुप्ता,अनूप बंसल,डी के शर्मा, गोपाल अवस्थी, यू वी चौहान, देवकीनंदन मित्तल,के के शर्मा, ललित गुप्ता,विकास बंसल, सुशील गुप्ता,सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।कथा के अंत में श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की आरती कर विश्व कल्याण एवं सुख-समृद्धि की कामना की।

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