पं रतिराम शिव दुर्गा मन्दिर प्रतापपुरा पर श्रावण माह में चल रही कथा में द्वितीय दिवस की कथा में आदि शिवलिंग के प्राकट्य की कथा का वर्णन
हर हर महादेव शंभु काशी विश्वनाथ गंगे
पं रतिराम शिव दुर्गा मन्दिर प्रतापपुरा पर श्रावण माह में चल रही कथा में द्वितीय दिवस की कथा में आदि शिवलिंग के प्राकट्य की कथा का वर्णन किया गया जिसमें कथा व्यासः श्रद्धेय पं लोकेश कृष्ण शास्त्री जी ने बताया कि भगवान सदा शिव ने स्वयं ज्योतिर्मय स्तम्ब में रूप में प्रकट होकर लिंग रूप धारण किया ब्रह्मा जी उस परम सत्य को पहचान नही पाए पर विष्णु भगवान शिव महिमा को जानते है । तब भगवान सदा शिव ने स्वयं ज्योतिर्लिंग से प्रकट होकर ब्रह्मा जी को अपनी महिमा का बोध कराया और विष्णु भगवान को अपना ही स्वरूप बताया और कहा हरि और हर में कोई भेद नही है । जो फल शिव जी की विग्रह (मूर्ति ) की पूजा से नही मिलता वो फल शिव लिंग की पूजा करने से प्राप्त होता है ।
मन्दिर महन्त - पं तुहिराम ,उपेंद्र सिंह समाजसेवी श्याम भोजवानी,
राम प्रसाद राजपूत, संतोष शास्त्री , राहुल मुदगल , राघवेन्द्र मुदगल , सौरव अग्रवाल , राजेन्द्र अग्रवाल , गुड्डू , हेमू , मुरारीलाल , शिवम , आर्यन , पियश , दीपक प्रशांत , कल्पना , लक्ष्मी , वन्दना , सुनीता , छवि , यसी , आकृति , वमिका , हिरदया , कुंजिका उपस्थित रहे ।


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