क्या भौतिक सुख ही असली सुकून का रास्ता है?या मन की शांति भी जीवन का वास्ता है


 आगरा। जीवन की भागदौड़ में हम अकसर भौतिक सुख-सुविधाओं की ओर बढ़ते चले जाते हैं परंतु क्या ये हमें सच्ची संतुष्टि और शांति दे पाते हैं? क्या हमने कभी सोचा है कि जीवन का असली उद्देश्य क्या है? क्या यह सिर्फ धन-दौलत और पद-प्रतिष्ठा के लिए है या कुछ और भी है?ऐसे ही सवालों के जवाब खोजने के प्रयास में प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल, आगरा में श्री सोमदेव त्यागी जी (जीवन विद्या कार्यक्रम के सूत्रधार, प्रसिद्ध मार्गदर्शक और सलाहकार, जो मानव मूल्यों और नैतिकता को समाज के हर क्षेत्र में फैलाने के लिए के लिए प्रतिबद्ध हैं) के द्वारा "हमने बहुत कुछ पा लिया....... परंतु वास्तव में क्या यह मायने रखता है?" विषय पर एक दिलचस्प, आत्मीय व ज्ञानवर्धक संवादात्मक सत्र का आयोजन दिनांक 20 सितंबर, 2025 को किया गया। सोमदेव जी 25 वर्षों से जीवन विद्या के सूत्रधार हैं। जीवन विद्या एक औपचारिक शिक्षण कार्यक्रम है जो अनौपचारिक, संवादात्मक तरीके से संचालित होता है। इसका उद्देश्य व्यक्तियों को स्वयं, परिवार, समाज और प्रकृति के साथ सामंजस्य बिठाकर जीवन जीने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करना है।यह विद्या मध्यस्थ दर्शन पर आधारित है, जो दशकों की गहन खोज के बाद श्री ए. नागराज जी द्वारा प्रतिपादित अस्तित्वगत वास्तविकता का एक समग्र दर्शन है। सोमदेव जी ने भारत के 16 राज्यों में 300 से अधिक कार्यशालाएँ आयोजित की हैं।कार्यशाला में सोमदेव जी ने सुख-दुःख के कारण, संतोषजनक रिश्ते, बेहतर स्वास्थ्य, आंतरिक स्पष्टता व  समाज में सामंजस्य और प्रकृति में संतुलन को विस्तृत रूप में समझाया। उन्होंने कहा कि सृष्टि के अनुरूप अपनी दृष्टि रखेंगे तो कभी निराशा नही मिलेगी। उन्होंने बताया कि पहले के समय में परिवार में पति-पत्नी के संबंधों में प्रगाढ़ता थी परंतु वर्तमान समय में इन संबंधों में भी दूरियाँ उत्पन्न हो रही हैं। उन्होंने सभी को जीवन जीने की कला सिखाई और बताया कि भौतिक सुविधाएँ ही जीवन का सार नहीं है बल्कि मानसिक शांति व संतुष्टि भी महत्वपूर्ण है। स्वयं के प्रति विश्वास ही जीवन का आधार व वास्तविक सुख है। वास्तविक सुख की प्राप्ति हमें तभी होगी जब हमारे भाव व विचार सकारात्मक होंगे। उन्होंने आगे बताया कि आजकल के बच्चों को समझाने की नहीं बल्कि समझने की आवश्यकता है। तभी वे अपने विचार हमारे साथ साझा कर सकते हैं। इस अवसर पर शवेता जी ने कार्यशाला की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि वर्तमान समय में इस प्रकार के सत्रों की अत्यंत आवश्यकता है, तभी एकाकीपन, तनाव व चिंता को दूर किया जा सकता है।डाॅ. सुशील गुप्ता ने सोमदेव जी का आभार प्रकट करते हुए कहा कि सत्र सभी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण था, जिससे हम जीवन को देखने का दृष्टिकोण बदल सकते हैं। तत्पश्चात सभी ने विभिन्न प्रकार के प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासा को शांत किया। अंतमें मीनाक्षी चतुर्वेदी जी ने समस्त उपस्थितगण का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में अनेंद्र सिंह (कार्यक्रम प्रमुख- आकाशवाणी, आगरा),  शवेता गुप्ता (योग प्रशिक्षिका), शलब गुप्ता (विभव कैपिटल), अरविंद श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।विशेष :- सोमदेव जी का सत्र 21 सितंबर, 2025 को विद्यालय परिसर में ही प्रातः 10 से 1 बजे तक आयोजित किया जाएगा।

Jarnalist, Satish Mishra, Agra 

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