शुकराना कीर्तन समागम में संगत हुई गुरुबाणी रस से निहाल
"सतगुरु मेरा सदा दयाल"
आगरा, गुरुद्वारा दशमेश दरबार, शहीद नगर विभव नगर में परमात्मा के शुकराने स्वरूप आयोजित "सतगुरु मेरा सदा दयाल" शुकराना कीर्तन समागम श्रद्धा, भक्ति और गुरु प्रेम के वातावरण में संपन्न हुआ, समागम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पावन हजूरी में मत्था टेकते हुए गुरुबाणी का अमृत रस ग्रहण किया,समागम में दिल्ली से पधारे पंथ के प्रसिद्ध रागी भाई मोहिन्दर जीत सिंह एवं पंथ प्रसिद्ध सुखमनी सेवा सभा के वीर महेंद्र पाल सिंह ने गुरुबाणी कीर्तन द्वारा संगत को भाव विभोर कर दिया, उनके मधुर एवं आत्मिक कीर्तन ने पूरे दीवान हॉल को गुरु नाम के रंग में रंग दिया, जिससे उपस्थित संगत गुरु की वाणी सुनकर निहाल हो उठी,दीवान के समापन अवसर पर ज्ञानी मंशा सिंह ने गुरु चरणों में अरदास की तथा श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का पावन हुकमनामा लेकर समस्त संगत को गुरु उपदेश से जोड़ते हुए सभी के कल्याण एवं चढ़दी कला की अरदास की,इस अवसर पर गुरुद्वारा दशमेश दरबार की समस्त प्रबंधक कमेटी एवं सेवादार उपस्थित रहे, संगत ने गुरु घर की सेवा, कीर्तन और सत्संग का आनंद लेते हुए वाहेगुरु का शुकराना अदा किया, पूरे समागम का वातावरण श्रद्धा, प्रेम,सेवा और गुरुभक्ति से ओत-प्रोत रहा,प्रबंधक कमेटी ने कीर्तन समागम आई संगत का जी आया नु कर धन्यवाद किया
Jarnalist Satish Mishra Agra

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