गुरु ग्रंथ साहिब जी के संपूर्णता दिवस पर गूंजी गुरबाणी, विशेष कीर्तन दरबार में निहाल हुई साध-संगत
अमृतवेले सुखमनी साहिब, जपजी साहिब व चौपाई साहिब के पाठ से हुआ शुभारंभ, हजूरी रागी भाई हरजिंदर सिंह व भाई गुरशरण सिंह ने संगत को गुरबाणी से जोड़ा
आगरा, गुरु ग्रंथ साहिब जी के संपूर्णता दिवस के पावन अवसर पर रविवार को गुरुद्वारा दशमेश दरबार, विभव नगर, शहीद नगर में विशेष कीर्तन दरबार श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ सजाया गया, सुबह अमृतवेले से ही गुरुद्वारा साहिब में साध-संगत का पहुंचना शुरू हो गया, गुरु ग्रंथ साहिब जी की पावन हजूरी में संगत ने शीश नवाकर गुरु महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया,
कीर्तन दरबार की आरम्भता सुखमनी साहिब, जपजी साहिब एवं चौपाई साहिब के पाठ के पश्चात विशेष कीर्तन दरबार में हजूरी रागी भाई हरजिंदर सिंह एवं कीर्तनीय भाई गुरशरण सिंह (बब्बू वीर) ने गुरबाणी कीर्तन से संगत को निहाल किया, उन्होंने शब्द सतगुरु आयो शरण तुहारी,,, बेअंता बेअंत गुण तेरे,,,
तुम शरणाई आया ठाकुर सहित विभिन्न शब्दों का गायन कर संगत को गुरु की भक्ति में सराबोर कर दिया, गुरबाणी की मधुर धुनों से पूरा गुरुद्वारा परिसर भक्तिमय हो उठा और संगत गुरु की आस्था में लीन नजर आई,
ज्ञानी मंशा सिंह एवं मनदीप सिंह ने गुरु महाराज के समक्ष अरदास की तथा हुकमनामा लिया, संगत ने श्रद्धा और भाव के साथ हुकमनामा श्रवण कर गुरु की पावन शिक्षाओं को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया,
प्रधान हरपाल सिंह ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का संपूर्णता दिवस सिख समाज के लिए श्रद्धा, गौरव और आध्यात्मिक चेतना का पावन अवसर है, गुरु ग्रंथ साहिब जी की शिक्षाएं समूची मानवता को सत्य, सेवा, प्रेम, समानता और सद्भावना के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं, गुरु की बाणी मनुष्य को अहंकार से दूर रहकर मानव सेवा और परोपकार के लिए प्रेरित करती है,
कार्यक्रम के दौरान गुरु का अटूट लंगर भी वरताया गया, जिसमें बड़ी संख्या में साध-संगत ने प्रसाद ग्रहण किया, पूरे आयोजन में सेवा, श्रद्धा और भाईचारे का भाव देखने को मिला
मुख्य रूप से बीबी अमरजीत कौर, प्रधान हरपाल सिंह, राजू सलूजा, मलकीत सिंह, श्याम भोजवानी, गुरेंदर सिंह ओबरोय, सुरेंद्र सिंह लवली, इन्दरजीत सिंह वाधवा, सुरेन्दर सिंह लाडी,हरजिंदर सिंह,हरजीत सिंह भसीन मंशा सिंह, मनदीप सिंह, कृपाल सिंह, सनी सिंह,माधव धर्मेंद्र आदि
Jarnalist Satish Mishra Agra

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