गुरु जैसा नही को देव*( गुरु अमर दास जी का ज्योति जोत दिवस धूमधाम से संपन्न)
आगरा। पूर्णमासी के उपलक्ष में एवं तीसरे गुरु, गुरु अमरदास जी के ज्योति जोत दिवस को समर्पित भव्य कीर्तन दरबार का आयोजन दरबार हॉल गुरुद्वारा गुरु का ताल में किया गया। जिसमें हरमन प्यारे वीर महेंद्र पाल सिंह जी ने अपनी मधुर गुरबाणी से सभी का मन मोह लिया।सर्वप्रथम उन्होंने पावन गुरबाणी का शबद "भले अमर दास गुण तेरे, तेरी उपमा तोहे बन आवै" का गायन किया। और गुरु अमर दास जी के जीवन के बारे में विस्तार से बताया. तत्पश्चात उन्होंने "गुर जैसा नाहीं को देव" शबद का गायन कर समूचे माहौल को भक्तिमय बना दिया उन्होंने कहा जैसे मैले कपड़े को रगड़ रगड़ के धोना पड़ता है। ऐसे ही मैले मन को गुरु के शब्द का गायन कर करके इसकी मैल उतरती है उन्होंने गुरु अमरदास जी द्वारा उच्चारित बानी आनंद साहिब में से "मन मेरया तू सदा रहो हर नाले"शब्द का गायन कर गुरु अमर दास जी के उपदेश को चरितार्थ किया।
इस अवसर पर गुरुद्वारा गुरु का ताल प्रमुख बाबा प्रीतम सिंह जी ने अपने आशीर्वाद वचन कहे व समूह सेवक जथे ने उपस्थित होकर इस बाणी प्रवाह में हिस्सा लिया। तमाम संगत की मौजूदगी के बीच संत बाबा प्रीतम सिंह जी ने सभी का धन्यवाद किया तत्पश्चात सभी संगत ने गुरु महाराज का लंगर ग्रहण किया। इस अवसर पर बाबा राजेंद्र सिंह इंदौलिया,बाबा अमरीक सिंह, महंत हरपाल सिंह,गुरमीत सिंह सेठी, जसवीर सिंह जस्सी,गुरु सेवक श्याम भोजवानी, मोहित वयानी,अरविंद सिंह, जसविंदर सिंह, रिंकू गुलाटी,संजय जटाना, सतीश अरोड़ा, संजम सिंह, आदि गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहें।
Jarnlist satish Mishra Agra


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